Gold-Silver Rate: सोना-चांदी ने तोड़े सारे रिकॉर्ड |
|Gold Price Today ; अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रणनीति अब सीधे तौर पर उन देशों पर केंद्रित हो रही है जिनके पास महत्वपूर्ण खनिज संसाधन हैं। मेक्सिको, चिली, पेरू और वेनेजुएला जैसे देशों पर बढ़ते दबाव का मुख्य कारण इन क्षेत्रों में मौजूद चांदी, तांबा और लिथियम जैसे खनिजों पर नियंत्रण पाना है। ट्रंप का उद्देश्य चीन की आर्थिक ताकत को झटका देना है, क्योंकि वर्तमान में इन संसाधनों की ग्लोबल सप्लाई चेन पर चीन की पकड़ बहुत मजबूत है।
आज की आधुनिक तकनीक, जैसे इलेक्ट्रिक कारें, सोलर पैनल और सेमीकंडक्टर, पूरी तरह से सिल्वर और रेयर अर्थ मिनरल्स पर निर्भर हैं। चीन ने 1 जनवरी से चांदी के निर्यात पर कड़े प्रतिबंध लगाने शुरू कर दिए हैं, जिससे यह संकेत मिलता है कि वह इन धातुओं को एक रणनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रहा है। अमेरिका को डर है कि अगर यह नियंत्रण और बढ़ा, तो भविष्य की पूरी टेक इंडस्ट्री पर चीन का दबदबा हो जाएगा।
चांदी के बाजार में मेक्सिको सबसे बड़ा उत्पादक है, लेकिन इसके प्रसंस्करण (processing) का बड़ा हिस्सा चीन के हाथ में है। चिली और पेरू में तांबे के उत्पादन और बोलिविया में लिथियम के भंडारों पर भी चीनी कंपनियों ने भारी निवेश कर रखा है। इन परिस्थितियों और वैश्विक तनाव के कारण विशेषज्ञों का अनुमान है कि चांदी की कीमतें आने वाले समय में 3 लाख रुपये के स्तर को भी पार कर सकती हैं।