उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के कारण स्कूलों में छुट्टियां: एक विस्तृत रिपोर्ट.
उत्तर भारत इन दिनों भीषण ठंड और घने कोहरे की चपेट में है। जनवरी की शुरुआत के साथ ही तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे जनजीवन काफी प्रभावित हुआ है। खासकर छोटे बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विभिन्न राज्य सरकारों ने स्कूलों के समय में बदलाव किया है या छुट्टियां घोषित कर दी हैं। उत्तर प्रदेश में नर्सरी से आठवीं तक के स्कूलों को 15 जनवरी तक बंद रखने का आदेश दिया गया है, जबकि 9वीं से 12वीं तक की कक्षाएं 5 जनवरी तक बंद रहेंगी।
बिहार की राजधानी पटना में भी शीतलहर को देखते हुए 8 जनवरी तक स्कूल बंद रखने का फैसला लिया गया है। पंजाब में शिक्षा मंत्री ने ठंड के प्रभाव को कम करने के लिए 8 जनवरी तक छुट्टियां बढ़ा दी हैं। राजस्थान के जयपुर में आंगनबाड़ियों को 10 जनवरी तक बंद रखने का निर्देश दिया गया है, जबकि झारखंड के रांची और जमशेदपुर में भी प्रशासन ने 5 और 6 जनवरी को स्कूलों में छुट्टी घोषित की है। यह आदेश सरकारी और निजी दोनों प्रकार के स्कूलों पर समान रूप से लागू होंगे।
मध्य प्रदेश में भी ठंड का प्रकोप बढ़ने के कारण स्कूलों के समय में परिवर्तन किया गया है। भोपाल में नर्सरी से आठवीं तक के स्कूल अब सुबह 9:30 बजे के बाद ही खुलेंगे। राज्य के लगभग 16 जिलों में छुट्टियां घोषित की गई हैं। दिल्ली और हरियाणा में स्थिति को देखते हुए पहले ही 15 जनवरी 2026 तक विंटर वेकेशन यानी शीतकालीन अवकाश घोषित कर दिया गया है, ताकि छात्रों को इस ठिठुरन भरी ठंड से बचाया जा सके।
हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी के कारण तापमान शून्य से नीचे चला गया है। यहां अधिकांश स्कूलों में फरवरी के अंत तक लंबी छुट्टियां चल रही हैं। मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक ठंड और कोहरे का यह सिलसिला जारी रहने की संभावना है। यदि मौसम की स्थिति में सुधार नहीं होता है, तो राज्य सरकारें और शिक्षा विभाग इन छुट्टियों को और आगे बढ़ाने पर विचार कर सकते हैं। धुरंध कोहरे का असर केवल स्कूलों पर ही नहीं, बल्कि ट्रेन और फ्लाइट सेवाओं पर भी देखा जा रहा है।
कुल मिलाकर, उत्तर भारत के विभिन्न राज्यों ने स्थानीय परिस्थितियों और मौसम विभाग की रिपोर्ट के आधार पर छात्रों के हित में ये महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। अभिभावकों और विद्यार्थियों को सलाह दी गई है कि वे स्कूल खुलने की तारीखों के संबंध में स्थानीय प्रशासन के अगले आदेश का इंतजार करें। नियमों का पालन न करने वाले निजी स्कूलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी जारी की गई है।