शीतलहर का तांडव जारी: जानें क्या बारिश का इंतज़ार खत्म होगा या अभी अधूरी रहेगी किसानों की आस?
साल के पहले सप्ताह में भी मौसम की स्थिति काफी निराशाजनक बनी हुई है। उत्तर, मध्य और पूर्वी भारत सहित गुजरात के किसान बारिश और बर्फबारी की कमी से चिंतित हैं। पहाड़ों पर बर्फबारी बहुत कम हुई है, लेकिन इसके बावजूद कड़ाके की ठंड पड़ रही है। हालांकि, बिना बारिश और पर्याप्त बर्फबारी के यह सर्दियों का सीजन अधूरा सा लग रहा है। अगले तीन दिनों के दौरान उत्तर भारत के पहाड़ों पर मौसम में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा, लेकिन दक्षिण भारत में बंगाल की खाड़ी की सक्रियता के कारण बारिश की उम्मीद जग रही है।
उत्तर-पश्चिमी भारत के मैदानी इलाकों (पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश) में शुष्क और बर्फीली हवाओं का असर जारी रहेगा। इन हवाओं के कारण आसमान तो साफ रहेगा, लेकिन नमी मिलने पर धुंध और कोहरा बढ़ सकता है। दिल्ली में प्रदूषण की स्थिति गंभीर बनी हुई है, जहां स्मॉग की परत के कारण लोगों को स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। उत्तर प्रदेश के तराई क्षेत्रों और बिहार में भी सुबह के समय घना कोहरा छाया रहेगा, जो दिन चढ़ने के साथ धीरे-धीरे साफ होगा।
मध्य भारत की बात करें तो मध्य प्रदेश के भोपाल, ग्वालियर और रीवा जैसे शहरों में घना कोहरा रहेगा। पूर्वी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा और महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में ‘शीतलहर’ (Cold Wave) का अलर्ट जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान में और गिरावट आने की संभावना है। गुजरात में मौसम शुष्क बना रहेगा और वहां ठंड से फिलहाल कोई बड़ी राहत मिलने की उम्मीद नहीं है।
दक्षिण भारत में मौसम सक्रिय हो रहा है। बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम के कारण ८ और ९ जनवरी को तमिलनाडु के तटीय इलाकों, पुदुचेरी और केरल में हल्की से मध्यम और कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। कन्याकुमारी और पंबन जैसे इलाकों में बारिश का जोर अधिक रहेगा। इस सिस्टम के प्रभाव से बादल महाराष्ट्र और कर्नाटक के आंतरिक हिस्सों तक पहुंचेंगे, लेकिन वहां बारिश की संभावना बहुत कम है। केवल दक्षिण आंतरिक कर्नाटक के कुछ हिस्सों में हल्की बूंदाबांदी हो सकती है।
कुल मिलाकर, उत्तर और मध्य भारत के लोग कड़ाके की ठंड और कोहरे का सामना करते रहेंगे, जबकि दक्षिण भारत के कुछ राज्यों में बारिश का इंतज़ार खत्म होने वाला है। पहाड़ों पर अच्छी बर्फबारी के लिए अभी और इंतज़ार करना पड़ सकता है।