पीएम आवास योजना ग्रामीण 2026: नया सर्वे और आवेदन प्रक्रिया शुरू; अब हर गरीब का होगा अपना पक्का घर
ग्रामीण भारत में आज भी एक बड़ी आबादी ऐसी है जो कच्चे और असुरक्षित घरों में रहने को मजबूर है। बरसात के समय टपकती छतें और सर्दी-गर्मी की मार इन परिवारों के लिए बड़ी चुनौती होती है। इसी वास्तविकता को समझते हुए केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत साल 2026 के लिए नया ग्रामीण सर्वे और आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। सरकार का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि देश का एक भी जरूरतमंद परिवार इस योजना के लाभ से वंचित न रह जाए।
जनवरी 2025 से शुरू हुए इस नए सर्वे को अगले पांच महीनों के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इस सर्वे के माध्यम से उन परिवारों की पहचान की जाएगी जो वास्तव में पात्र हैं और जिन्हें पक्के घर की सख्त जरूरत है। सर्वे पूरा होने के बाद पात्र परिवारों को घर निर्माण के लिए सरकार की ओर से वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। इस पहल का मकसद हर गरीब परिवार को एक सुरक्षित, मजबूत और सम्मानजनक जीवन देना है।
आर्थिक सहायता की बात करें तो योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में घर बनाने के लिए ₹1,20,000 तक की मदद दी जाती है। हालांकि, कई राज्यों में अन्य स्थानीय योजनाओं के साथ समन्वय बिठाकर यह सहायता राशि ₹2,20,000 तक पहुंच रही है। यह राशि किस्तों में सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में जमा की जाती है, ताकि बिना किसी बिचौलिए के निर्माण कार्य सुचारू रूप से पूरा हो सके।
इस बार का सर्वे पहले की तुलना में अधिक सटीक होने वाला है। अक्सर यह देखा गया था कि जानकारी के अभाव में कई जरूरतमंद परिवार सरकारी सूची से बाहर रह जाते थे। नया सर्वे इसी कमी को दूर करने के लिए किया जा रहा है, जिसमें विशेष रूप से उन लोगों को चिन्हित किया जा रहा है जो अभी भी टूटे-फूटे या असुरक्षित मकानों में रह रहे हैं। सरकार चाहती है कि पारदर्शिता के साथ लाभ केवल उन्हीं तक पहुंचे जिन्हें इसकी सबसे ज्यादा आवश्यकता है।
संक्षेप में, प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के जरिए सरकार ग्रामीण भारत की तस्वीर बदलना चाहती है। यदि आप भी इस श्रेणी में आते हैं, तो इस नए सर्वे में अपनी जानकारी दर्ज कराकर अपने पक्के घर का सपना साकार कर सकते हैं।