कोल्डवेव अलर्ट: उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड का प्रकोप और दक्षिण में भारी बारिश की चेतावनी
उत्तर भारत के मैदानी इलाकों से लेकर पहाड़ों तक फिलहाल कड़ाके की ठंड और सूखे मौसम का दौर जारी है। पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली-एनसीआर में घने कोहरे के कारण दृश्यता काफी कम हो गई है, जिससे ‘कोल्ड डे’ (Cold Day) जैसी स्थिति बनी हुई है। पहाड़ों पर भी फिलहाल बर्फबारी की कमी है और ‘चिल्लाई कलां’ के प्रभाव से जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में शुष्क लेकिन अत्यधिक ठंड पड़ रही है। अगले एक सप्ताह तक उत्तर भारत में बारिश या बर्फबारी की कोई संभावना नहीं है, जिससे सूखी ठंड का असर और बढ़ सकता है।
मध्य भारत और पूर्वी राज्यों जैसे उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्य प्रदेश में भी शीतलहर का अलर्ट जारी किया गया है। उत्तर प्रदेश और बिहार के कई जिलों में कोहरा इतना घना है कि दिन में भी धूप नहीं निकल पा रही है, जिससे अधिकतम तापमान सामान्य से काफी नीचे बना हुआ है। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी उत्तर-पश्चिम से आने वाली ठंडी हवाओं के कारण तापमान में और गिरावट आने की संभावना है। राजस्थान के बीकानेर और गंगानगर जैसे इलाकों में भी ठंड अपने चरम पर है।
दक्षिण भारत के मौसम में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र (Well Marked Low Pressure Area) अब ‘डिप्रेशन’ में बदल रहा है। यह सिस्टम श्रीलंका की ओर बढ़ रहा है और इसके प्रभाव से 9 और 10 जनवरी को दक्षिणी तमिलनाडु और केरल के इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है। कन्याकुमारी, रामनाथपुरम और मदुरै जैसे जिलों में बारिश का जोर सबसे अधिक रहने वाला है।
महाराष्ट्र और गुजरात में मौसम मुख्य रूप से शुष्क बना रहेगा। विदर्भ और मराठवाड़ा के कुछ हिस्सों में अगले दो दिनों के दौरान तापमान में हल्की गिरावट हो सकती है। गुजरात में दिन के समय तेज धूप निकलने से राहत मिल रही है, लेकिन रातें अभी भी काफी ठंडी बनी हुई हैं। तेलंगाना में उत्तर-पूर्वी हवाओं के प्रभाव से हैदराबाद सहित कई जिलों में कड़ाके की ठंड महसूस की जा सकती है।
संक्षेप में, अगले तीन से चार दिनों तक उत्तर और मध्य भारत में शीतलहर का प्रकोप जारी रहेगा, जबकि दक्षिण भारत के तटीय राज्यों को भारी बारिश का सामना करना पड़ सकता है। मौसम विभाग ने लोगों को ठंड से बचने के लिए उचित सावधानी बरतने और तटीय क्षेत्रों में मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी है।